भारतीय सेना के सात जवान हिमस्खलन में फंसे: तलाश और बचाव कार्य है जारी

भारतीय सेना के सात जवान हिमस्खलन में फंसे: तलाश और बचाव कार्य है जारी

अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर में ऊंचाई पर स्थित इलाके में भारतीय सेना के सात जवान हिमस्खलन से फंस गए हैं।

सोमवार को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जवानो का पता लगाने के लिए तलाश और बचाव कार्य जारी है।

ये भी कहा कि एक गश्ती दल में सैन्यकर्मी शामिल थे, रविवार को बर्फ खिसकने से फंस गए है। 

एक सूत्र ने कहा, “अभी तलाश और बचाव कार्य जारी है। राहत कार्य में सहायता के लिए विशेषज्ञों के दल को हवाई मार्ग से पहुंचाया गया है। इलाके में पिछले कुछ दिन से मौसम खराब है और भारी बर्फबारी हो रही है।”

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के महीनों में पहरा देना मुश्किल हो जाता है। इन घटनाओ में पहले भी अपने कई सैनिक खो चुके है।

मई 2020 में दो जवानों की मौत सिक्किम में हिमस्खलन की चपेट में आने से हो गई थी। 

अक्टूबर 2021 में एक अभियान के लिए गए नौसेना के पांच जवान उत्तराखंड में माउंट त्रिशूल पर बर्फ खिसकने से फंस गए थे। बाद में उनके शव बरामद किए गए।

फरवरी 2020 में सरकार ने संसद को बताया कि 2019 में सियाचिन ग्लेशियर में हिमस्खलन से सेना के 6 जवानों की मौत हो गई।

वहीं इस तरह की घटनाओं से अन्य जगहों के 11 और मारे गए थे। 

सरकार ने बताया था कि "उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शामिल सभी सशस्त्र बलों के कर्मियों को पर्वतीय शिल्प, बर्फ शिल्प और पहाड़ों में हिमाच्छादित इलाकों में जीवित रहने और हिमस्खलन जैसी किसी भी घटना से निपटने के लिए पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही उन्हें इमरजेंसी की स्थिति में खुद को संभालने के लिए भी सिखाया जाता है।"

हेमलता बिष्ट